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Gyani Pandit Ji - पीपल में है शनि देव का वास !

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पीपल में है शनि देव का वास ! हमारे सनातन धर्म में सभी पेड़ पौधो में पीपल की पूजा का अत्यंत महत्व है | धर्म शास्त्रों में बताया गया है की इस पेड़ में त्रिदेव के साथ लक्ष्मी जी शनि और बालाजी महाराज का भी वास है | सभी 33 कोटि देवी देवता इसमे निवास करते है | शनिवार के दिन भगवान शनिदेव संध्या के समय इस वृक्ष में निवास करते है अत: शनिवार के दिन संध्या के समय एक तेल का दीपक जरुर प्रज्जवलित करना चाहिए | आइये जाने कैसे शनि भगवान का वास पीपल में हुआ , इससे जुडी पौराणिक कथा, क्यों शनि  का वास पीपल में ! एक समय कि बात है असुरो ने तीन लोक और चौदय भुवन में अपना आतंक पनपा रखा था | एक असुर कैटभ ने तो एक ऋषि आश्रम में पीपल का रूप धारण कर रखा था | जब भी कोई ऋषि किसी कारण वश उस पेड़ के निचे आता तो वो असुर उसे निगल जाता | इस तरह उस आश्रम से ऋषि गण कम होने लगे | वे कैसे लापता हो रहे थे , यह सभी के लिए पहेली बना हुआ था | सभी ऋषि मुनि सूर्यदेवता के पुत्र शनिदेव के पास गए और उनसे सहायता कि गुहार लगाईं, तब शनिदेव उनकी प्रार्थना सुनकर एक ऋषिमुनि के वेश धारण किया और उस आश्रम में रहने लगे | एक दि...

Gyani Pandit Ji - भगवान विष्णु की उपासना शुभ फलदायी है, क्योंकि

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धार्मिक नजरिए से गृहस्थ हों या कार्यक्षेत्र सफलता पाने के लिए शांतस्वरूप व जगत के पालनहार भगवान विष्णु की उपासना शुभ फलदायी मानी गई है। क्योंकि भगवान विष्णु जगत पालक पुकारे जाते हैं। भगवान विष्णु से जुड़ा पालनकर्ता का भाव कर्तव्य व कर्म का एहसास कराता है। दोनों ही भावना सांसारिक जीवन की सफलता के लिए बहुत ही अहम है। व्यावहारिक रूप से भी जिम्मेदारी उठाने और काम को कुशलता से पूरा करने के लिए शांत स्वभाव और संयम जरूरी है।   वर्तमान में एकादशी, द्वादशी व पूर्णिमा तिथियों और गुरूवार के दिन, भगवान विष्णु की भक्ति, श्रीविष्णु मंत्र ध्यान के जरिए बड़ी मंगलकारी मानी गई है।  श्री विष्णु कृपा के लिए खासतौर पर विष्णु गायत्री मंत्र महामंत्र माना गया है। क्योंकि जगतजननी गायत्री की 24 देवशक्तियों में भगवान विष्णु एक हैं। इसके स्मरण मात्र से सारे कार्य बाधा, दु:ख व संताप दूर हो जाते हैं। जानिए यह विष्णु गायत्री मंत्र और विष्णु पूजा की आसान विधि - - स्नान के बाद घर के देवालय में पीले या केसरिया वस्त्र पहन श्रीहरि विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल स्नान के बाद केसर चंदन, सुगंधित फूल, तुलसी क...