Posts

Showing posts with the label Jai Shree Ram

Gyani Pandit Ji - हनुमान जयंती 2018: बजरंगबली से जुड़ें ये 9 रहस्य शायद आप नहीं जानते होंगे

Image
31 मार्च को हनुमान जयंती है। हनुमान जी सभी देवों में ऐसे देवता है जो अपने भक्तों के द्वारा प्रसन्न करने पर बहुत जल्द खुश हो जाते है। भक्तों के हर कष्ट को बस नाम लेने से ही हर लेते हैं भगवान हनुमान। भगवान हनुमान आज भी इस पृथ्वी पर जीवित स्थिति में भ्रमण करते हैं। पवन पुत्र बजरंगबली के जीवन के कुछ ऐसे रहस्य हैं जिनके बारें में शायद आपको नहीं मालूम होगा। हनुमान जयंती के मौके पर आइए जानते है उनके जीवन की 9 रहस्यमयी बातें। हनुमानजी के गुरू हनुमानजी मातंग ऋषि के शिष्य थे। वैसे तो हनुमान जी ने कई लोगों से शिक्षा ली थी। सूर्यदेव और नारदजी के अलावा इन्होंने मातंग ऋषि से भी शिक्षा-दीक्षा ली थी। कहते है मातंग ऋषि के आश्रम में ही हनुमानजी का जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है श्रीलंका के जंगलों में मंतग ऋषि के वंशज आदिववासी से हनुमान जी प्रत्येक 41 साल बाद मिलने आते है। हनुमानजी और भगवान राम के बीच का युद्ध हनुमान जी ने अपने प्रभु राम के साथ युद्ध भी किया था। दरअसल  एक बार भगवान राम के गुरु विश्वामित्र किसी कारणवश हनुमानजी से नाराज हो गए और उन्होंने रामजी को हनुमान जी को मौत की सजा देने को क...

Gyani Pandit Ji - शिवलिंग की पूजा का महत्व और शिवलिंग की महिमा

Image
शिवलिंग की पूजा का महत्व और शिवलिंग की महिमा ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश में केवल शिव ही हैं जिनके लिंग स्वरुप की पूजा की जाती है. शिवलिंग पूजा का काफी महत्व है. शिवलिंग पर फूल, दूध, दही, जल आदि चढ़ाने से साधक को मनवांक्षित फलों की प्राप्ति होती है. शिव पुरान में शिव लिंग की पूजा और महत्व के बारे में बताया गया है. विभिन्न ऋषियों के यह पूछे जाने पर कि भगवान शिव की लिंग रूप में पूजा क्यों होती है जबकि किसी अन्य देवता की पूजा इस रूप में नहीं की जाती है. सूतजी कहते हैं - शिवलिंग की स्थापना और पूजन के बारे में कोई और नहीं बता सकता. भगवान शंकर ने स्वयं अपने ही मुख से इसकी विवेचना की है. इस प्रश्न के समाधान के लिये भगवान शिवने जो जो कुछ कहा है और उसे मैंने गुरूजी के मुख से जिस प्रकार सुना हैं, उसी तरह क्रमश: वर्णन करुंगा. एकमात्र भगवान शिव ही ब्रह्मरूप होने के कारण ‘निष्कल’ (निराकार) कहे गये हैं. रूपवान होनेके कारण उन्हें ‘सकल’ भी कहा गया है. इसलिए वे सकल और निष्कल दोनों हैं. शिव के निराकार होने के कारण ही उनकी पूजा का आधारभूत लिंग भी निराकार ही प्राप्त हुआ हैं. अर्थात शिवलिंग शिव के न...

Gyani Pandit Ji - Worship of Lord Hanuman

Image
In the story of Lord Hanuman we see represented a great hero who is completely devoted to his lord, to his master, to his guru: Shri Rama. He has Bhakti, Shakti, Vidya and Seva-Bhava, Brahmacharya and Nishkamya-Bhava. He never boasts of His bravery and intelligence. He said to Ravana, "I am a humble messenger of Shri Rama. By the command of Lord Rama, I have come here. I have come here to serve Rama, to do His work. I am fearless, by the grace of Lord Rama. I am not afraid of  death. I welcome it, if it comes while I am serving Lord Rama." Mark here how humble Hanuman ji is! How devoted He is to Lord Rama! After the defeat of Ravana, Rama and Sita are crowned King and Queen of Ayodhya. Hanuman ji is offered a reward for his bravery and asks only to continue in service to him and to live for as long as men speak of Shri Rama's deeds. He remains as Rama's favourite general to this day. Because of his bravery, perseverance, strength and devoted service, Hanuman ...

Gyani Pandit Ji - शबरी के पैरों की धूल

Image
👏🌹 श्री राधे राधे🌹👏 🌹🌹 शबरी के पैरों की धूल 🌹  शबरी एक आदिवासी भील की पुत्री थी। देखने में बहुत साधारण, पर दिल से बहुत कोमल थी। इनके पिता ने इनका विवाह निश्चित किया, लेकिन आदिवासियों की एक प्रथा थी की किसी भी अच्छे कार्य से पहले निर्दोष जानवरों की बलि दी जाती थी। इसी प्रथा को पूरा करने के लिये इनके पिता शबरी के विवाह के एक दिन पूर्व सौ भेड़ बकरियाँ लेकर आये। तब शबरी ने पिता से पूछा – पिताजी इतनी सारी भेड़ बकरियाँ क्यूँ लाये ? पिता ने कहा – शबरी यह एक प्रथा है जिसके अनुसार कल प्रातः तुम्हारी विवाह की विधि शुरू करने से पूर्व इन सभी भेड़ बकरियों की बलि दी जायेगी। यह कहकर उसके पिता वहाँ से चले जाते हैं। प्रथा के बारे में सुन शबरी को बहुत दुःख होता है और वो पूरी रात उन भेड़ बकरियों के पास बैठी रही और उनसे बाते करती रही। उसके मन में एक ही विचार था कि कैसे वो इन निर्दोष जानवरों को बचा पाये। तब ही एकाएक शबरी के मन में ख्याल आता है और वो सुबह होने से पूर्व ही अपने घर से भाग कर जंगल चली गई जिससे वो उन निर्दोष जानवरों को बचा सके। शबरी भली भांति जानती थी, अगर एक बार वो इस तरह से घर स...

Gyani Pandit Ji - चार दिनों की प्रीत जगत में चार दिनों के नाते हैं।

Image
चार दिनों की प्रीत जगत में चार दिनों के नाते हैं। पलकों के पर्दे पडते ही सब नाते मिट जाते हैं। जिनकी चिन्ता में तू जलता वे ही चिता जलाते हैं। जिन पर रक्त बहाये जलसम जल में वही बहाते हैं। घर के स्वामी के जाने पर घर की शुद्धि कराते हैं। पिंड दान कर प्रेत आत्मा से अपना पिंड छुडाते हैं। चौथे से चालीसवें दिन तक हर एक रस्म निभाते हैं। म्रतक के लौटआने का कोई जोखिम नही उठाते हैं। आदमी के साथ उसका खत्म किस्सा हो गया। आग ठण्डी हो गई चर्चा भी ठण्डा हो गया। चलता फिरता था जो कल तक। बनके वो तस्वीर आज लग गया दीवार पर मजबूर कितना हो गया।

Gyani Pandit Ji - बुधवार के दिन श्रीगणेश की विशेष मंत्रों से पूजा

Image
बुधवार के दिन श्रीगणेश की विशेष मंत्रों से पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है। विघ्न और संकटों से बचाकर जीवन के हर सपने व इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। जब जीवन में हर तरफ दुख हो, संकट हो और निकलने का कोई मार्ग न दिखे तो गौरीपुत्र गजानन की आराधना तुरंत फल देती है। भगवान गणेश की सात्विक साधनाएं अत्यंत सरल तथा प्रभावी होती है। इनमें अधिक विधि-विधान की भी जरूरत नहीं होती केवल मन में भाव होने मात्र से ही गणेश अपने भक्त को हर संकट से बाहर निकालते हैं और सुख-समृदि्ध का मार्ग दिखा ते हैं। जानिए, प्रतिदिन या प्रति बुधवार कैसे और किन विशेष मंत्रों से श्री गणेश की पूजा करें-   - सुबह सूर्योदय से पहले जागें और स्नान करें। - घर या देवालय में पीले वस्त्र पहन श्रीगणेश की पूजा सिंदूर, दूर्वा, गंध, अक्षत, अबीर, गुलाल, सुंगधित फूल, जनेऊ, सुपारी, पान, मौसमी फल व भोग में लड्डू अर्पित करें। - पूजा के बाद पीले आसन पर बैठ नीचे लिखे अचूक श्रीगणेश मंत्र से पूजन संपन्न करें। 🕉  हर प्रकार की सिद्धि दिलाता है गणेश गायत्री मंत्र  🕉 ॐ एकदंताया विद्महे , वक्रतुण्डाय धीमहि,, तन्नो दंत...

Gyani Pandit Ji - राम भक्त हनुमान की पूजा-उपासना के लिए मंगलवार का दिन विशेष महत्व रखता है।

Image
!!Jai Shree Ram!! !!Jai Hanuman!!     जिसे हनुमान जी का आशीर्वाद मिल गया तो समझो उसके सारे काम पूरे हो गए है। हनुमान जी के आशीर्वाद से सभी बिगड़े काम चुटकी में ही पूरे हो जाते हैं। श्रीराम कथा और सुंदर कांड के पाठ में भक्त हनुमान की उपस्थित हमेशा रहती हैं। इनको महावीर, रूद्रावतार, पवन पुत्र, अंजनी पुत्र आदि नामों से जाना जाता हैं। सर्वशक्तिमान श्रीराम भक्त हनुमान हमेशा अपने भक्तों पर आशीर्वाद बनाए रखते हैं। इनकी पूजा से काले जादू, आर्थिक, स्वास्थ्य, नकारात्मक ऊर्जा,अध्ययन और डर संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है। हनुमान जी की कृपा जिस किसी पर भी होती है उसके सारे कार्य पूर्ण हो जाते हैं। एकादश रुद्रावतार हनुमान जी मंगल के अधिष्टाता माने गए हैं। राम भक्त हनुमान की पूजा-उपासना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है। जब हनुमान जी का जन्म हुआ तो उस दिन मंगलवार था। मंगलवार को विशेष प्रयोग करने से तुरंत ही बिगड़े काम बनने लगते हैं और हर समस्या का समाधान होते हुए मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के संबंध में कई प्रकार की मान्यताएं हैं, पडितों व...